कुपोषण के दुष्चक्र से ऐसे निकालकर लाई रामकन्या
जो उम्र बच्चों के खेलने-पढ़ने की हो, उसमें अगर शादी कर दी जाए तो किसी घर की बहू बनी बालिका को कैसी परेशानियां उठानी पड़ती है यह पता…
जो उम्र बच्चों के खेलने-पढ़ने की हो, उसमें अगर शादी कर दी जाए तो किसी घर की बहू बनी बालिका को कैसी परेशानियां उठानी पड़ती है यह पता…
रीवा जिले के जवा ब्लाक का सबसे आखिरी गाँव है ओबरी. पहाड़ियों और जंगलों के बीच स्थित इस आदिवासी बाहुल्य गाँव की ज़्यादातर जमीन असिंचित…
पोहरी ब्लॉक के पटपरी प्राथमिक स्कूल में बच्चे पढ़ने आते तो बहुत डर बना रहता है, क्योंकि स्कूल के पास से ही अहेरा रोड निकला है। रोड पर वाहनों…
सतना जिले के केलौहरा गांव के बड़ा तालाब गांव में आंगनवाड़ी भवन न होने के कारण पहले ये केंद्र गांव की माध्यमिक शाला के एक पुराने भवन में…
समाज के सभी संसाधनों का उचित उपयोग करके, लोगों, सरकार और संस्थाओं की पहल से कुपोषण जैसी स्थिति को कैसे नियंत्रित किया जा सकता है…
कोविड महामारी की दूसरी लहर मे जहां लोग अपनी जान बचाने के लिए भागदौड़ कर रहे हैं वहीं आशा व आंगनवाड़ी कार्यकर्ता जैसी फ्रंट लाइन वर्कर…
शिवपुरी जिले में सहरिया आदिवासियों की 11.27 प्रतिशत है। ये आदिवासी छोटी-छोटी बसाहटों में रहते हैं। समुदाय की आर्थिक स्थिति बेहतर नहीं है…
मध्यप्रदेश के उमरिया जिले के आकाशकोट क्षेत्र के गांवों में सामुदायिक स्तर पर मछली पालन किया जा रहा है। वर्षा आधारित एक फसली खेती के…
उमरिया जिले की ग्राम पंचायत अमडी अंतर्गत ग्राम अगनहुडी में सामाजिक संस्था “गूंज” दिल्ली, के सहयोग से विकास संवाद एवं शासकीय प्राथमिक…
शिवपुरी जिले के शासकीय प्राथमिक विद्यालय सहराना जाखनौद का भवन 2018 में बना था। इस विद्यालय की बाउंड्रीवॉल नहीं बनी थी, जिससे बच्चों को…