महिला दिवस पर महिलाओं ने किया अधिकार, स्वास्थ्य और पोषण पर संवाद
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर गुमला जिले के मोकरा गांव में क्लस्टर स्तरीय महिला सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में आसपास के 5 गांवों से 100 से अधिक महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने अपने अधिकार, स्वास्थ्य, पोषण और आत्मनिर्भरता जैसे विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर जागरूकता रैली और पोषण प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत नारी शक्ति गीत के साथ हुई, जिसके माध्यम से महिलाओं की एकजुटता और सामूहिक शक्ति का संदेश दिया गया। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित क्षेत्र की पूर्व पंचायत समिति सदस्य यशोदा उरांव ने अपने उद्बोधन में कहा कि जब महिलाएं अपने अधिकारों और क्षमताओं के प्रति जागरूक होती हैं, तभी समाज में सकारात्मक बदलाव संभव होता है। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और सामाजिक निर्णयों में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।
संस्था की कृषि विशेषज्ञ एलिना तिग्गा ने महिलाओं के अधिकारों की बात करते हुए कहा कि, अधिकार और सम्मान की शुरुआत अपने घर से ही होती है। कार्यक्रम के दौरान युवा साथी शुबानी तिर्की द्वारा पोषण और स्वास्थ्य से जुड़े सवाल-जवाब (क्विज) के माध्यम से प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। महिलाओं ने स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों की प्रदर्शनी लगाकर खाद्य विविधता के महत्व को भी साझा किया।
इस अवसर पर गांव में जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें महिलाओं के अधिकार और सम्मान से जुड़े नारे लगाए गए। कार्यक्रम के अंत में खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया और विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
उल्लेखनीय है कि विकास संवाद समिति द्वारा गुमला जिले के रायडीह प्रखंड के 20 गांवों में टीडीएच एवं बीएफटीडब्ल्यू के सहयोग से “सतत स्वास्थ्य एवं विकास हेतु पोषण सुरक्षा” कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है, इस कार्यक्रम के तहत महिलाओं, युवाओं और बच्चों के समग्र विकास तथा समुदाय में खाद्य एवं पोषण सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न सहभागी गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं।


